बहुत याद आते हो तुम रोने को जब दिल करता है ,
पापा ऐसा क्यों लगता है ,साथ हमारे आज भी हो।
अपनी छाया में रखते थे ,अलग कभी भी नहीं किया ,
साया बन कर साथ चले थे ,साथ हमारे आज भी हो।
कलम मैंने पकड़ी थी दिशा उसे तुमने ही दिखलाई ,
मेरे शब्दों में अहसास बन, साथ हमारे आज भी हो।
अपने छोटे घर औ' बड़े से दिल में एक बड़ा संसार रचा ,
आज देखती हूँ घर को जब , साथ हमारे आज भी हो।
संवेदनाएं दी विरासत में पल पल उनको बोया मुझमें ,
आज वृक्ष बन खड़ी है मुझमें, साथ हमारे आज भी हो।
क्यों दूर अचानक चले गए , बिना मिले कुछ कहे बिना ,
फिर पापा ऐसा क्यों लगता है, साथ हमारे आज भी हो।
