
बुरा न मानो होली है !
रंग की पिटारी बंद रखी है,
हाथ में लिए गुलाल और रोली है।
बुरा न मानो होली है।
मंहगी शक्कर , मंहगी खोया ,
करें क्या गुझिया बनी कुछ पोली है।
बुरा न मानो होली है !
बजे ढोल और बजे मृदंग,
नाच रही थापों पर हुरिआरों की टोली है।
बुरा न मानो होली है !
होली में लगे ससुर भी देवरा ,
डाल रंग घूंघट में बहुरिया बोली है।
बुरा न मानो होली है !
बैठी भौजी राह देखती
देवरा ने कहाँ ठंडाई घोली है।
बुरा न मानो होली है !
रंग की पिटारी बंद रखी है,
हाथ में लिए गुलाल और रोली है।
बुरा न मानो होली है।
मंहगी शक्कर , मंहगी खोया ,
करें क्या गुझिया बनी कुछ पोली है।
बुरा न मानो होली है !
बजे ढोल और बजे मृदंग,
नाच रही थापों पर हुरिआरों की टोली है।
बुरा न मानो होली है !
होली में लगे ससुर भी देवरा ,
डाल रंग घूंघट में बहुरिया बोली है।
बुरा न मानो होली है !
बैठी भौजी राह देखती
देवरा ने कहाँ ठंडाई घोली है।
बुरा न मानो होली है !
