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बुधवार, 6 मार्च 2013

दोषी कौन ?

माँ  पालती है अपने गर्भ में सभी को एक तरह 
फूलों की जगह उगे कांटे तो उसका दोषी कौन ?

आँचल से लगाकर दूध पिलाया था सबको एक तरह 
कोई बना मानव,कोई निकला शैतान तो दोषी कौन? 

बस एक को छोड़ कर हर औरत होती है रिश्ते में ,
माँ, बहन,बेटी ,नजर हो नर की ख़राब तो दोषी कौन?

युगों के बाद भी नर होने का घमंड  और आतंक
बन कर खून तुम्हारी रगों में दौड़े तो दोषी कौन? 

नजरें बदली, बदले  मूल्य भूले रिश्तों की  गरिमा 
दहलीज के बाहर सबको समझे मादा तो दोषी कौन ? 


14 टिप्‍पणियां:

sushmaa kumarri ने कहा…

sashkat rachna abhivaykti........

Shalini kaushik ने कहा…

आँचल से लगाकर दूध पिलाया था सबको एक तरह
कोई बना मानव,कोई निकला शैतान तो दोषी कौन?
bahut sahi sawal aur bhavabhivyakti .badhai

Dinesh pareek ने कहा…

बहुत खूब आपके भावो का एक दम सटीक आकलन करती रचना
आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
तुम मुझ पर ऐतबार करो ।
पृथिवी (कौन सुनेगा मेरा दर्द ) ?

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

दोष किसी का है नहीं, बिगड़ा है परिवेश।
इसीलिए तो विश्व में, अपमानित है देश।।
--
बहुत सुन्दर प्रेरक रचना!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

यह आतंक महिलाएं खत्म नहीं होने देंगी .... शिक्षा ही गलत है ! अन्यथा विरोध में स्त्री आतंक शुरू है

P.N. Subramanian ने कहा…

सुंदर सशक्त कविता. क्या जेनेटिक्स उत्तरदायी है

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

दोष किसे दें .... मानसिकता ही बदल रही है ....

Unknown ने कहा…

दोष किसे दे,
चारो ओर
स्वतंत्रता की बात
लेकिन इसके माने क्या हैं ?
भूली मानव जात.
आदर और संस्कृति भूलकर
भागे प्रगति जगत में
मूल्यों की सारी परिभाषा
छिपी, कहीं गर्त में .

... अच्छी भावनाएं रेखा जी

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

संतान में अच्छे संस्कार विकसित करने का और सही वातावरण देने का दायित्व भी माता-पिता का ही है.
यह ठीक है कि बाहरी प्रभाव आते हैं लेकिन प्रारंभ से उसे दिशा देना संरक्षकों का ही दायित्व है .

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-
आभार-

सादर नमन-

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आँचल से लगाकर दूध पिलाया था सबको एक तरह
कोई बना मानव,कोई निकला शैतान तो दोषी कौन?

सार्थक ... माँ के लिए तो सब एक से होते हैं ... धरती की तरह वो सबको पालती है ...

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

सबका दोषी कौन ...ये आज तक कोई जान पाया क्या ?

Gyan Darpan ने कहा…

बहुत बढ़िया और प्रेरक
Gyan Darpan

Udan Tashtari ने कहा…

सटीक प्रश्न उठाये हैं...उत्तम रचना!!