पीछे पीछे जाने की आदत नहीं है,
आवाज दोगे तो हम साथ होंगे।
नजर आयें न फिर भी ये अहसास होगा,
तुम्हारे हाथों में हर वक्त मेरे हाथ होंगे।
कदम से कदम मिलाकर हम चलेंगे,
तुमसे न कोई मेरे निहित स्वार्थ होंगे,
छलके कभी गम में तेरी आँखों से आंसूं,
समेटने को मेरा आँचल औ' हाथ होंगे।
बिछाते चलेंगे हम फूल तेरी राहों में,
गर काँटों से भरे कोई हालात होंगे।
गर अकेले चलोगे अँधेरे में फिर भी,
उजाले बने हम तेरे साथ साथ होंगे।
आवाज दोगे तो हम साथ होंगे।
नजर आयें न फिर भी ये अहसास होगा,
तुम्हारे हाथों में हर वक्त मेरे हाथ होंगे।
कदम से कदम मिलाकर हम चलेंगे,
तुमसे न कोई मेरे निहित स्वार्थ होंगे,
छलके कभी गम में तेरी आँखों से आंसूं,
समेटने को मेरा आँचल औ' हाथ होंगे।
बिछाते चलेंगे हम फूल तेरी राहों में,
गर काँटों से भरे कोई हालात होंगे।
गर अकेले चलोगे अँधेरे में फिर भी,
उजाले बने हम तेरे साथ साथ होंगे।