मंगलवार, 23 जून 2015

हाइकू !

कुछ हाइकू रिश्ते के नाम पर ----

रिश्तों में प्रेम 
रिश्तों के बीच खून 
कौन गहरा ?
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रिश्तों को ढोना 
बोझ से भी कठिन 
उतार ही दो। 
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घर बनेगा
मकान ये निर्जीव
सींचो प्रेम से। 
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रिश्ते की डोर 
है बड़ी कमजोर 
थामे रहना। 
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प्रेम से भरो

गागर रिश्तों की 
मन तृप्त हो। 
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2 टिप्‍पणियां:

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 25-06-2017 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2017 में दिया जाएगा
धन्यवाद

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

बहुत खूब