गुरुवार, 26 नवंबर 2009

शत शत नमन!

शत शत नमन ,
वीरो तुम्हें शत शत नमन
जीवन न्यौछावर मात्री भू पर
पर कितने
जीवन बचा लिए
हौसले दुश्मनों के
पस्त हैं
सर उठाते है बार बार
मगर
तुम्हारे जैसे लालों ने
उन्हें डरा कर रखा है।
सौ बार सोचेंगे
कोई
उन्नीकृष्णन, करकरे और सालकर
जैसे कई अनाम वीरों से
जब तक भारत भूमि धनवान है
ख्बाव उनके विध्वंस के
हर बार अधूरे ही रहेंगे।
बलिदान तुम्हारा अमर रहेगा
शत शत नमन
वीरो तुम्हें शत शत नमन।

4 टिप्‍पणियां:

MANVINDER BHIMBER ने कहा…

शत शत नमन ,
वीरो तुम्हें शत शत नमन
जीवन न्यौछावर मात्री भू पर
पर कितने
जीवन बचा लिए
हौसले दुश्मनों के
दिल आज भी दुखने लगता है। उन लोगों के लिए जो इस दिन ‘ाहीद हो गये, असमय मृत्यु को प्राप्त हो गए(

अजय कुमार ने कहा…

वीरों को शत शत नमन , राजनीति की रोटी सेंकने वालों को लानत

Udan Tashtari ने कहा…

शत शत नमन !

श्यामल सुमन ने कहा…

नमन मेरा है वीरों को चमन को भी नमन मेरा।
सभी प्रहरी जो सीमा पर है उनको भी नमन मेरा।
नहीं लगते हैं क्यों मेले शहीदों की चिताओं पर,
सुमन श्रद्धा के हैं अर्पण उन्हें शत शत नमन मेरा।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com