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बुधवार, 15 जुलाई 2026

कुछ नया करें!

 कुछ नया करें!


दर्द को हाशिये में डालो,

मुस्कानों के 

सिलसिले से 

एक इबारत नयी लिखो,

उनके बीच बस

बिंदियाँ दर्द की हों.

गर मुस्कानें  कम लगें

खोज लो  बचपन में,

निर्दोष, खामोश 

जिंदगियों में और

उनको बाँट लो,

जग के सारे गम

उनके सामने 

बहुत छोटे पड़ जायेंगे.


--रेखा श्रीवास्तव

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