सोमवार, 18 अक्तूबर 2010

सुकून की दौलत !

अरे मूर्ख इंसान ,
तू भूला है  कहाँ?
जिन्दगी को अपनी
दौलत और ताकत की
नुमाइश बनाये फिरता है .
इससे खरीदी इज्जत तो
कभी ठहरती ही नहीं है,
इसके साथ ही चली जाती है.
वक्त के सागर में
ये रेत सी फिसल जाती है.
रह जाएगा खाली हाथ 
कोई भी न देगा कल तेरा साथ,
क्योंकि इन सबकी कोई 
जिन्दगी नहीं होती.
असली दौलत तो वो है
जो कभी ख़त्म ही नहीं होती है.
हुनर तो ले आ इतना -
जुबां से तेरे फूल झरें,
हाथ उठें तो मांग ले दुआ,
अमन, चैन और खुशहाली के लिए,
सुखा सके आँसू  गीली आँखों के,
उदास चेहरों पे एक मुस्कान तो ला के देख .
फिर झांक अपने ही दिल में
जो सुकून की दौलत हासिल की है,
सिर्फ इंसान बन के जिन्दगी तो गुजार 
तेरे हर ऐसे काम से मिली ये दौलत ,
तुझे इंसान और बस इंसान ही बनाती है.

10 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

तेरे हर ऐसे काम से मिली ये दौलत ,
तुझे इंसान और बस इंसान ही बनाती है

-बहुत सही!!

rashmi ravija ने कहा…

सिर्फ इंसान बन के जिन्दगी तो गुजार
तेरे हर ऐसे काम से मिली ये दौलत ,
तुझे इंसान और बस इंसान ही बनाती है.

काश सबलोग ये बात समझ जाएयं..सुन्दर सन्देश देती कविता

नीरज गोस्वामी ने कहा…

बहुत सार्थक बातें कहीं है आपने अपनी रचना में...इस प्रेरक रचना के लिए बधाई स्वीकारें ...

नीरज

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सार्थक बड़ी प्रभावी और प्रेरणादायी रचना है।

तिलक राज कपूर ने कहा…

दुआ मॉंगने को उठाले अभी
ये ताकत हमेशा तो रहती नहीं।

ashish ने कहा…

मानव अगर इन बातो पर ध्यान दे तो मानवता का कल्याण हो जाए. काश हम इन बातो को अपने आचार में ला सके . आभार इस प्रेरक रचना के लिए .

रश्मि प्रभा... ने कहा…

ek nahi, do nahi, anginat muhar lagaye hain

veena ने कहा…

is par main bhi kuch shabd kehna chahti hoon.....jivan ki gati manav ki gati se tej hoti jaati haiinsaan rah gaya hai insaniyat khoti jaati hai.prapti ke bhanvar main phas gaya har koi.man ki satvikta shanay shanay soti jaati hai.nafrat aur jalan se hum bhar gaye hain itnaishwar hai kahaan ye soojhta nahin hai.gati se agar manav ki ye gati hai.to kyon na hum esa jahaan basaayen jahaan man main shanti ho ishwar main aastha ho jivan ki har ghadi man se man ko jodti ho.isi aas ke sahaare meri har saans prabhu ki hoti jaati hai

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

didi baat jo bhi ho........lekin ye ek dum satya hai ki "sabse bada rupaiya" aap bhi soch kar dekhna......:)

waise Insaan banane ki koshish jaari hai, 40 basant paar hone ko hai..........par abhi bhi koshish hi chal rahi hai!!

pyari rachna! as usual!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत सही कहा है .... पर आज इस असली कमाई के पीछे कौन जाता है ....